राजस्थान: गोबर के दीपक से जगमग होगी दिवाली, कई राज्यों में बढ़ी डिमांड, इको-फ्रेंडली हैं ये दीए

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हाइलाइट्स

दिवाली 2023 अपडेट
गाय के गोबर से बने दीयों की बढ़ी मांग
धार्मिक दृष्टि से भी शुभ है ईको-फ्रेंडली दीपक

महिमा जैन. 

जयपुर. दिवाली के मौके पर राजधानी जयपुर के बाजार में गाय के गोबर से बने दीयों की डिमांड अचानक से बढ़ गई है. वहीं जयपुर में बीते कुछ सालों में शुरू हुई यह पहल अब पर्यावरण जागरूकता की परंपरा बनती जा रही है. दीपोत्सव के लिए लाखों की संख्या में बनने वाले यह दीये दीपावली के 1 महीने पहले ही बनकर तैयार हो जाते हैं, जिन्हें आसानी से बाजार में खरीदा जा सकता है. इस काम में कई स्वयंसेवी सहायता समूह और गौशाला संचालक भी अपना सहयोग प्रदान करते हैं.

गाय के गोबर से कई तरह के प्रोडक्ट बनाने वाले भीम राज ने बताया कि हर बार की तरह इस बार भी दीपावली पर गाय के गोबर से बनने वाले दीयों की भारी मांग है. पहले जहां गाय के गोबर से सिर्फ खाद बनाई जाती थी, वहीं अब खाद के अलावा दीये भी बनाए जा रहे हैं, जिन्हें पर्यावरण और धार्मिक महत्व से भी काफी शुद्ध और पवित्र माना जाता है. भीम राज के मुताबिक राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों में भी गोबर के दीयों की भारी डिमांड है.

पर्यावरण संरक्षण में सहायक हैं गोबर के दीये
दीपावली पर मिट्टी के दीये से लक्ष्मी- गणेश का पूजन बेहद शुभ माना जाता है. लोग अपने घरों में मिट्टी का दीया व लक्ष्मी- गणेश की मिट्टी की बनाई हुई मूर्ति को ही प्राथमिकता देते हैं. वहीं पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए गोबर के दीये का चलन भी तेजी से बढ़ रहा है. इस दीये की सबसे बड़ी खासियत है कि यह बाती के जलने के साथ ही दीया स्वयं भी जलकर राख में परिवर्तित हो जाता है. फिलहाल बाजार में खरीददारी करने आ रहे ग्राहकों के लिए गोबर का दीया पहली पसंद बना हुआ है.

खास तरीके से बनाए जाते हैं दीपक
गोबर का दीपक बनाने के लिए सबसे पहले गोबर इकठ्ठा किया जाता है जिसमें 40 प्रतिशत ताजा और 60 प्रतिशत सूखा गोबर इस्तेमाल किया जाता है. करीब ढ़ाई किलो गोबर पाउडर में एक किलो प्रीमिक्स और गोंद मिलाई जाती है. उसके बाद गीली मिट्टी की तरह छानकर इसे आटे की तरह गूंथा जाता है. वहीं इसकी शुद्धि के लिए इसमें पीली सरसों, मेथी के बीज, इमली के बीज, ऐलोवेरा, वृक्ष की छाल और जटामासी मिलाई जाती है. दीये को 2 दिन तक धूप में सुखाने के बाद उसे कई तरह के रंगों रंग दिया जाता है.

Tags: Diwali festival, Jaipur news, Rajasthan news

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