UAE में 47 बार खुला महुआ मोइत्रा का पोर्टल…क्‍या ताक पर रखी गई राष्‍ट्रीय सुरक्षा? समिति ने उठाए गंभीर सवाल

Target Tv

Target Tv

नई दिल्‍ली. व्यवसायी दर्शन हीरानंदानी के साथ अपने ‘लॉग-इन क्रेडेंशियल’ साझा करने के मामले में लोकसभा की आचार समिति ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा को दोषी ठहराने के लिए अन्य राष्ट्रों की साइबर एजेंसियों एवं प्रतिनिधियों (स्टेट एक्टर्स) और गैर-सरकारी संगठनों एवं कंपनियों से जुड़े साइबर अपराधियों (नन-स्टेट एक्टर्स) से भारत के समक्ष खतरों का हवाला दिया है. साथ ही कहा है कि वह (हीरानंदानी) दुबई के अधिकृत निवासी हैं और उनके करीबी रिश्तेदार विदेशी नागरिक हैं.

एक सूत्र के अनुसार समिति ने अपने निष्कर्ष में कहा है, ‘‘इससे विदेशी एजेंसियों के लिए संवेदनशील सामग्री के लीक होने का गंभीर खतरा पैदा होता है.’’ सूत्र के अनुसार, समिति ने गृह मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से प्रस्तुत रिपोर्ट का हवाला देते हुए रिकॉर्ड किया है कि जुलाई 2019 और अप्रैल 2023 के बीच मोइत्रा का पोर्टल संयुक्त अरब अमीरात से 47 बार संचालित किया गया था. समझा जाता है कि भाजपा सांसद विनोद कुमार सोनकर की अध्यक्षता वाली समिति ने गुरुवार को मंजूर अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस तरह की घटना से प्रणाली (सिस्टम) गंभीर साइबर हमलों की जद में आ सकती है और संभावित रूप से ऐसी घटना प्रणाली को पूरी तरह से अक्षम कर सकती है, जिससे भारत की संसद का कामकाज बाधित हो सकता है.

यह भी पढ़ें:- इजरायल-हमास जंग के बीच भारत में अमेरिकी रक्षा मंत्री ने किया लैंड, जानें क्या है एजेंडा

राष्‍ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है
सूत्रों ने कहा कि ऐसे तत्व प्रणाली में ऐसी चीजें डाल सकते हैं जो झूठे दस्तावेज या फर्जी नेरेटिव के जरिये राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है. समिति को बताया गया कि पोर्टल पर सांसदों को पहले से ही भेजे गये मसौदा विधेयक सहित कई दस्तावेज उपलब्ध होते हैं जो सार्वजनिक डोमेन में नहीं होते हैं. गृह मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट में पोर्टल पर पहले से अपलोड किए गए तीन तलाक की प्रथा पर प्रतिबंध और दिवाला सहित 20 विधेयकों का हवाला दिया था.

यह भी पढ़ें:- वायु प्रदूषण पर कैबिनेट सचिव की बैठक में आज क्‍या हुआ, पंजाब-हरियाणा-दिल्‍ली के लिए क्‍या निर्देश जारी? जानें

संवेदनशील सामग्री लीक होने की संभावना
सूत्रों ने मसौदा रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि जम्मू और कश्मीर परिसीमन विधेयक, 2019 को पहले ही प्रसारित कर दिया गया था और इससे ऐसी संवेदनशील सामग्री के लीक होने की संभावना है, जिसका इस्तेमाल ‘राष्ट्रीय सुरक्षा को क्षति पहुंचाने के लिए शत्रु तत्वों’ द्वारा किया जा सकता है. सूत्रों ने कहा कि समिति बहुमत के साथ इस निष्कर्ष पर पहुंची कि हीरानंदानी से ‘अवैध पेशकश’ स्वीकार करने के आरोप स्पष्ट रूप से स्थापित हो गए हैं, यह उनके स्वयं के बयान और मीडिया में उनकी टिप्पणियों से पता चलता है.

UAE में 47 बार खुला महुआ मोइत्रा का पोर्टल...क्‍या ताक पर रखी गई राष्‍ट्रीय सुरक्षा? समिति ने उठाए गंभीर सवाल

मोइत्रा ने लॉग-इन क्रेडेंशियल शेयर करने की बात कबूली 
हालांकि, इन आरोपों के संदर्भ में कि मोइत्रा ने व्यवसायी हीरानंदानी से नकदी भी स्वीकार की थी, समिति ने स्वीकार किया है कि उसके पास आपराधिक जांच करने और धन के लेन-देन का पता लगाने के लिए तकनीकी साधन और विशेषज्ञता नहीं है. सूत्रों ने समिति की टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा कि यह निश्चित रूप से केंद्र सरकार के संस्थानों का काम है. समिति ने सिफारिश की है कि सरकार द्वारा किसी भी ‘लेन-देन’ की समयबद्ध तरीके से जांच की जा सकती है. मोइत्रा ने समिति के समक्ष और बाहर अपनी टिप्पणियों में यह स्वीकार तो किया है कि हीरानंदानी ने उनके लॉग-इन क्रेडेंशियल का इस्तेमाल किया था, हालांकि उन्होंने इसके लिए किसी प्रकार के ‘लेन-देन’ को खारिज किया है. लोकसभा की आचार समिति ने गुरुवार को मोइत्रा को सदन से बर्खास्त करने की सिफारिश की.

Tags: Mahua Moitra, Member of parliament, Parliament news

Source link

Target Tv
Author: Target Tv

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

इस पोस्ट से जुड़े हुए हैशटैग्स